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क्या पहले से ज्यादा हमलावर हो गए हैं बाघ!

उत्तराखंड को बाघों के लिए एक सुरक्षित जगह माना जाता हैं देशभर में उत्तराखंड ही एकमात्र ऐसा राज्य है जिसके हर जिले में बाघों की मौजूदगी दर्ज की गई है। बाघों को संरक्षित जीव घोषित किए जाने के बाद पूरे देश में समय-समय पर बाघों की गिनती होती है…

क्या वन्य जीवों का व्यवहार बदल रहा है?

उत्तराखंड में मानव-वन्यजीव संघर्ष बेकाबू हो रहा है और यदि इस तरफ ध्यान नहीं दिया गया तो यह संघर्ष आरपार की लड़ाई का रूप ले सकता है। वैसे तो उत्तराखंड जैसे वनों की बहुलता वाले राज्य के मानव और वन्य जीवों का संघर्ष होता ही रहा है। लेकिन, पहले…

जिन्दगी भर बिजली-सड़क का इंतजार

सलीम मलिक (रामपुर टोंगिया गांव की आगे की कहानी) रामपुर टोंगिया गांव में कोई अस्पताल नहीं है। सबसे नजदीक का प्राथमिक चिकित्सा केंद्र 6 किमी. दूर पाटकोट है। इसके बाद 12 किमी. दूर कोटाबाग या फिर 32 किमी. की दूरी पर रामनगर। गर्भवती…

बच्चों को बाघ से बचाओ सरकार

सरकार बहादुर मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए 5 गांवों में पायलट प्रोजेक्ट चलाने और अध्ययन करने की बात करती रही और इस बीच एक और बच्चा गुलदार, जिसे उत्तराखंड में सामान्य बोलचाल में बाग कहा जाता है, का निवाला बन गया। पौड़ी के पाबौ ब्लाक के…