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स्कूली बच्चों को बाघ और हाथियों से खतरा

सलीम मलिक सीनियर जर्नलिस्ट उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर में स्थित कॉर्बेट नेशनल पार्क और इससे सटे अन्य जंगलों में वन्य जीवों का आतंक सिर चढ़कर बोल रहा है। आदमखोर बाघ, गुलदार और हिंसक हाथियों के चलते…

वन गूजर जंगलों से खदेड़े, पर नहीं दी जमीन

सत्यम कुमार अपने जीवन के पुराने दिनों के बारे में गुल्लो बीबी बताती हैं कि जब हम जंगलों में रहते थे, सर्दियों के मौसम में रात के समय अपने डेरों के आंगन में आग जलाकर रखते थे। जंगल में रहने वाले छोटे जानवर हिरण, चीतल और नील गाय हमारी…

ज़मीन पर मालिकाना हक़ की बाट जोहते वन गूजर

सत्यम कुमार घने जंगलों के बीच रहते हुए हमें नहीं पता होता था कि बाकी दुनिया में क्या हो रहा है। और तो और हमें दिन, महीने साल भी मालूम नहीं होते थे। न कोई कलैंडर होता था न पंचांग। हमारे आसपास महीनों की जानकारी हासिल करने के लिए…

जलवायु परिवर्तन का असर कम करने में महिलाओं की भूमिका महत्व

विश्व पर्वत दिवस के मौके पर 11 दिसंबर को देहरादून डॉ. आरएस टोलिया स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया गया। डॉ. आर एस टोलिया फोरम की ओर से हर वर्ष उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव डॉ. आरएस टोरिया की स्मृति में इस कार्यशाला का आयोजन किया जाता है। इस…

क्या पहले से ज्यादा हमलावर हो गए हैं बाघ!

उत्तराखंड को बाघों के लिए एक सुरक्षित जगह माना जाता हैं देशभर में उत्तराखंड ही एकमात्र ऐसा राज्य है जिसके हर जिले में बाघों की मौजूदगी दर्ज की गई है। बाघों को संरक्षित जीव घोषित किए जाने के बाद पूरे देश में समय-समय पर बाघों की गिनती होती है…

जिन्दगी भर बिजली-सड़क का इंतजार

सलीम मलिक (रामपुर टोंगिया गांव की आगे की कहानी) रामपुर टोंगिया गांव में कोई अस्पताल नहीं है। सबसे नजदीक का प्राथमिक चिकित्सा केंद्र 6 किमी. दूर पाटकोट है। इसके बाद 12 किमी. दूर कोटाबाग या फिर 32 किमी. की दूरी पर रामनगर। गर्भवती…