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पर्यावरण

धंसता शहर, सड़कों पर नागरिक

करीब 14 महीने पहले चमोली जिले के जोशीमठ के एक हिस्से के लोगों ने महसूस किया कि उनके घरों में जगह-जगह दरारें आ रही हैं। उन्होंने महसूस किया कि दिन प्रति दिन ये दरारें ज्यादा चौड़ी होती जा रही हैं। जोशीमठ का वह क्षेत्र छावनी बाजार कहलाता है,…

हाईकोर्ट के फैसले से नदियों को मिलेगा जीवन

पिछले कई वर्षों से बड़ी -बड़ी मशीनों का इस्तेमाल करके खोदी जा रही पहाड़ की नदियों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। नैनीताल हाईकोर्ट ने नदियों में मशीनों से खनन पर पूरी तरह से रोक लगाने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने सभी जिला अधिकारियों के नाम…

स्कूली बच्चों को बाघ और हाथियों से खतरा

सलीम मलिक सीनियर जर्नलिस्ट उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर में स्थित कॉर्बेट नेशनल पार्क और इससे सटे अन्य जंगलों में वन्य जीवों का आतंक सिर चढ़कर बोल रहा है। आदमखोर बाघ, गुलदार और हिंसक हाथियों के चलते…

वन गूजर जंगलों से खदेड़े, पर नहीं दी जमीन

सत्यम कुमार अपने जीवन के पुराने दिनों के बारे में गुल्लो बीबी बताती हैं कि जब हम जंगलों में रहते थे, सर्दियों के मौसम में रात के समय अपने डेरों के आंगन में आग जलाकर रखते थे। जंगल में रहने वाले छोटे जानवर हिरण, चीतल और नील गाय हमारी…

ज़मीन पर मालिकाना हक़ की बाट जोहते वन गूजर

सत्यम कुमार घने जंगलों के बीच रहते हुए हमें नहीं पता होता था कि बाकी दुनिया में क्या हो रहा है। और तो और हमें दिन, महीने साल भी मालूम नहीं होते थे। न कोई कलैंडर होता था न पंचांग। हमारे आसपास महीनों की जानकारी हासिल करने के लिए…

जलवायु परिवर्तन का असर कम करने में महिलाओं की भूमिका महत्व

विश्व पर्वत दिवस के मौके पर 11 दिसंबर को देहरादून डॉ. आरएस टोलिया स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया गया। डॉ. आर एस टोलिया फोरम की ओर से हर वर्ष उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव डॉ. आरएस टोरिया की स्मृति में इस कार्यशाला का आयोजन किया जाता है। इस…

आओ पहाड़ की मौत का मातम मनाएं

त्रिलोचन भट्ट  आज अंतर्राष्ट्रीय पहाड़ दिवस है। पहाड़ का निवासी होने के नाते सोच रहा था आज पहाड़ को लेकर अच्छा-अच्छा कुछ लिखूंगा। ‘दादू मीं परबतूं कु बासी’ टाइप का कुछ। आसमान का आलिंगन करती पहाड़ की चोटियों के बारे में लिखूंगा, बलखाती…

ठंडे उत्तराखंड की गर्मी का संसद में जिक्र

उत्तराखंड की गिनती ठंडे राज्यों में की जाती है। गर्मी के मौसम में देश के गरमी वाले हिस्सों से लोग पर्यटन अथवा तीर्थयात्रा के इरादे से उत्तराखंड आते हैं, ताकि कुछ दिन गर्मी से राहत मिल सके। लेकिन अब लगता है कि उत्तराखंड का यह सुहाना मौसम अब…

क्या पहले से ज्यादा हमलावर हो गए हैं बाघ!

उत्तराखंड को बाघों के लिए एक सुरक्षित जगह माना जाता हैं देशभर में उत्तराखंड ही एकमात्र ऐसा राज्य है जिसके हर जिले में बाघों की मौजूदगी दर्ज की गई है। बाघों को संरक्षित जीव घोषित किए जाने के बाद पूरे देश में समय-समय पर बाघों की गिनती होती है…

क्या वन्य जीवों का व्यवहार बदल रहा है?

उत्तराखंड में मानव-वन्यजीव संघर्ष बेकाबू हो रहा है और यदि इस तरफ ध्यान नहीं दिया गया तो यह संघर्ष आरपार की लड़ाई का रूप ले सकता है। वैसे तो उत्तराखंड जैसे वनों की बहुलता वाले राज्य के मानव और वन्य जीवों का संघर्ष होता ही रहा है। लेकिन, पहले…