समय पर चेतते तो बच जाता जोशीमठ

यह डायरी धंसते-दरकते जोशीमठ की तीन दिन की यात्रा का वृतांत लिखने का प्रयास है। डायरी के कुछ हिस्से हेराल्ड ग्रुप के अंग्रेजी अखबार नेशनल हेराल्ड, हिन्दी अखबार नवजीवन और उर्दू अखबार कौमी आवाज ने प्रकाशित किये हैं। यहां सम्पूर्ण डायरीप्रकाशित…

चमोली में वामपंथी आंदोलन

स्व. नन्द किशोर मैठाणी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट ने जोशीमठ आंदोलन के नाम पर एक बार फिर उत्तराखंड में वामपंथी कार्यकर्ताओं को चीन के मददगार बताया है। स्व. नन्द किशोर मैठाणी का यह लेख साफ करता है कि…

समय पर पारदर्शी तरीके से तय हो चारधाम की कैरिंग कैपेसिटी

Anoop Nautiyal अध्यक्ष एसडीसी फाउंडेशन जोशीमठ भूधंसाव के बाद हाल के दिनों पहाड़ी नगरों की कैरिंग कैंपेसिटी की बात जोर-शोर से उठाई जा रही है। राज्य के चारों धामों पर भी कैंरिंग कैपेसिटी की बात लागू होती है। पिछले वर्ष 2022 मे…

संकट में जोशीमठ : जिम्मेदार कौन?

इंद्रेश मैखुरी आधा महीना से अधिक बीत चुका, जबकि जोशीमठ का संकट पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है. देश दुनिया के पत्रकारों का जमावड़ा उत्तराखंड के चमोली जिले के इस पहाड़ी शहर में काफी दिनों से दिख रहा है. लगभग…

पहाड़ की वहनीय और सहनीय क्षमता का ध्यान रखें

जोशीमठ के भूधंसाव को अलग-अलग नजरियों से देखा जा रहा है। स्थानीय लोग, वैज्ञानिक और सरकार अपने-अपने तरह से इस मामले को लेकर बातें कह रहे हैं। लेकिन एक कारण जिसे सरकार भी तमाम प्रयासों के बावजूद साफ तौर पर नकार नहीं पा रही है, वह है इस क्षेत्र…

इस बार नहीं कर पाएंगे बर्फबारी का स्वागत

इस बार उत्तराखंड में अब तक अच्छी बर्फबारी नहीं हुई है। निचले क्षेत्रों में अब तक बारिश भी नहीं हुई। लोग लगातार बारिश और बर्फबारी का इंतजार कर रहे हैं। 15 अक्टूबर 2022 के बाद उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्र में बारिश नहीं के बराबर हुई है।…

सेलंग गांव : जिसके गर्भ में एक पूरा कस्बा

त्रिलोचन भट्ट प्रसिद्ध गढ़वाली गायक नरेंद्र सिंह नेगी जी का एक गीत हम सब ने सुना है- उत्तराखंड कि धरती यून डमुंन डाम्याली रे, डामुन डाम्यली रे सुरंगुन खैण्याली रे। अर्थात उत्तराखंड की धरती इन्होंने बांधों से दाग दी है और सुरंगों से खोद ली…

जोशीमठ अकेला नहीं दरकने वाला

जोशीमठ के भूधंसाव के बाद इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कई भूवैज्ञानिक इस शहर के स्थायित्व के लेकर बात रख रहे हैं कि तमाम टीवी चैनल इन जोशीमठ की दरारों में सनसनी तलाश रहे हैं। जोशीमठ के लोगों पर इन सब बातों का ज्यादा फर्क नहीं पड़…

2 जनवरी की आधी रात क्या हुआ था जोशीमठ में??

Trilochan Bhatt दो जनवरी की आधी रात के बाद आखिर ऐसा क्या हुआ कि जोशीमठ के एक बड़े हिस्से में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई। जोशीमठ में तीन दिन रहकर मैंने विभिन्न हिस्सों में रहने वाले लोगों से बातचीत की। इस बातचीत में एक बात जो हर मिलने…

जोशीमठ के बहाने सनसनी की दरारें

आज से करीब आठ महीने पहले जब जोशीमठ के एक हिस्से में धंसाव बढ़ने लगा था और लोग दहशत में थे तो तब मैंने जोशीमठ जाकर जमीन में धंसाव और घरों में दरारें पड़ने के तीन वीडियो बनाये थे। ये वीडियो बात बोलेगी पर देखे जा सकते हैं। मैंंने अपने वीडियो में…