जयदीप सकलानी: वातानुकूलित ऑफिस नहीं खुली सड़कें चुनी

Trilochan Bhatt

 

ल यानी 17 नवम्बर को जयदीप सकलानी का जन्मदिन था। यदि आप राजनीति के बजाय जन सरोकारों और जरूरतमंदों की मदद करने के प्रयासों से जुड़े हैं, यदि आप देहरादून में होने वाले जन आंदोलनों में हिस्सेदारी करते हैं, यदि आपने उत्तराखंड आंदोलन को जाना है तो आप जयदीप सकलानी को जरूर जानते होंगे। वे हम सबके लिए कितने अनमोल हैं, यह कल सोशल मीडिया पर उनके बारे में, उनके लिए, उनके जन्मदिन पर की गई टिप्पणियों से साफ हो जाता है। सुबह से शाम तक लगातार उनके लिए बधाइयों का तांता लगा रहा। बधाई और शुभकामनाओं के अनगिनित पोस्ट और उन पोस्ट पर अनगिनित टिप्पणिया।

जयदीप सकलानी को समाज से यह प्यार और यह सम्मान यूं ही नहीं मिला है। समाज के साथ लगातार जुड़े रहने, हर आंदोलन में हिस्सेदारी, हर जरूरतमंद की मदद और हर इंसान से प्यार करने की उनकी क्षमता और उनकी जिजीविषा ने उन्हें जयदीप सकलानी बनाया है। जयदीप चाहते तो अपने लिए वातानुकूलित ऑफिस चुन सकते थे, क्योंकि एक मैकेनिकल इंजीनियर और अच्छा उद्यम करने वाला व्यक्ति यही करता है। लेकिन, जयदीप सकलानी ने वातानुकूलित ऑफिस, शूट-बूट और टाई नहीं चुने। उन्होंने अपने लिए खुली सड़कें चुनी। गर्मियों में पसीना-पसीना होती और सर्दियों में ठंड से सिकुड़ती सड़कें, जहां वे जनता के मुद्दों के साथ खड़े रह सकें, जहां वे ढफली की चोट पर जनगीत गाते हुए आंदोलनकारियों के आगे-आगे चल सकें। 1994 के उत्तराखंड आंदोलन से लेकर आज के दौर में होने वाले हर जन आंदोलन तक यह सिलसिला अनवरत जारी है।

और उनका काम यहीं खत्म नहीं हो जाता। जब भी किसी जरूरतमंद को मदद की दरकार होती है, जयदीप सकलानी सबसे अगली पंक्ति में खड़े नजर आते हैं। कोरोना के पहले लॉकडाउन में अचानक सब कुछ बंद होने के बाद रोज कमाने-खाने वालों के सामने जब भोजन का संकट शुरू हुआ तो साथियों के सहयोग से स्व. पुरुषोत्तम असनोड़ा के स्मृति में जरूरतमंदों को जरूरत की चीजें देने का एक अभियान देहरादून में शुरू किया गया। कहना न होगा कि जयदीप सकलानी अगली पंक्ति में रहे। इस दौरान उन्होंने ज्यादातर ऐसे संगठनों और लोगों को आर्थिक मदद दी, जो जरूरतमंदों को राशन और दूसरी चीजें उपलब्ध करवा रहे थे।

कोविड के दूसरे दौर में जब राशन की नहीं, दवाइयों की जरूरत थी और डॉ. ईशान पुरोहित ने पहाड़ी क्षेत्रों में दवाइयां उपलब्ध करने का प्रस्ताव रखा तो जयदीप सकलानी फिर सबसे आगे थे। यही नहीं आते-जाते कहीं कोई जरूरतमंद नजर आये। कोई विद्यार्थी वास्तव में अपनी फीस न भर पा रहा हो, तो जयदीप सकलानी हर जगह अभिभावक की तरह खड़े नजर आते हैं। और तो और उनके घर पर मदद मांगने आने वाला भिखारी तक ऑर्डर करके जाता है कि बरसात आ गई है, छाता चाहिए या ठंड आ गई गरम कपड़े चाहिए। कहना न होगा कि अगली बार वह हाजिर होता

है, पुराना नहीं, नया।

इंसान ही नहीं वे पशुओं से भी उतना ही प्यार करते हैं। इसका उदाहरण उनके घर पर करीब 8 वर्ष से पल रहा एक कुत्ता है, जो विकलांग है। जयदीप सकलानी और उनका परिवार 8 वर्षों से उसकी सेवा कर हैं। उसकी गंदगी साफ करने तक का काम बिना किसी शिकायत के 8 वर्षों से करते आ रहे हैं।

जयदीप सकलानी के जन्मदिन पर यदि उन्हें सोशल मीडिया पर अपार प्रेम और सम्मान मिलता है तो इसका अर्थ यह है तो यह हमारे लोगों और हमारे समाज का कर्तव्य है। क्योंकि जयदीप सकलानी बनाना किसी तपस्या से कम नहीं।

आप उन्हें जनता के सवालों के साथ कहीं भी खडे देख सकते हैं। जनगीतों के माध्यम से जनता की आवाज उठाते हुये। आंदोलनों में उनकी भागीदारी हमेशा ऊर्जा का काम करती है। बहुत संवेदनशील तरीके से वे समाज के दुख-दर्दों को देखते हैं। व्यवस्था के खिलाफ लड़ते हैं। उनसे परिचय कब हुआ याद ही नहीं है। जब कोई भी सामाजिक, सांस्कृतिक या राजनीतिक पहल करनी हो तो जयदीप सकलानी याद आ जाते हैं। ‘जन संवाद’ के माध्यम से पूरे उत्तराखण्ड में उनकी आवाज गूंजती है, हम सबको प्रेरित करती है। एक संस्कृतिकर्मी, आंदोलनकारी, समाजसेवी और सबसे बढ़कर एक बेहतरीन इंसान भाई जयदीप सकलानी को जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई। शुभकामनाएं।
Charu Tiwari

आप जैसा ज़हीन इंसान इंसानियत के लिए एक सौगात से कम नहीं हैं..दुनिया को देखने का आपका नज़रिया अगर सब में आ जाये तो दुनिया कहीं अधिक ख़ूबसूरत हो जाए..
Dr. Sarswati P Sati

किसी भी समस्या को ‘समाधान’ की तरफ से सोचने वाले बड़े भाई ‘जयदीप सकलानी’ जी को जन्मदिन की बहुत बहुत शुभकामनायें ! बहुत कम लोगों में जिंदगी को इस गर्मजोशी से जीने का हुनर होता है ,,,,,,, ”हो जाएगा” वाले अंदाज में ,,,,,,,
जिंदादिली, हौसला, मुस्कान ,,,,,,ताउम्र बरकरार रहे ,,,,शुभकामनायें
Dr. Ishan Purohit

समाज के उत्थान के लिए हमेशा निःस्वार्थ भाव से कार्य करने वाले Aap KA Saklani भैजी को जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं ।
Lusun Todriya

समाज के लिए निस्वार्थ भाव रखना आपने ही सिखाया है। जन्मदिन की हार्दिक बधाइयां बड़े भाई App ka Saklani आप हो तो हम हैं….. भगवान जयदीप सकलानी जी को दिर्घायु प्रदान करें।
Naman Chandola

जन्मदिवस की अनन्त शुभकामनाएं।
राज्य आंदोलनकारी,समाज की हर लड़ाई मे अपना अहम योगदान देने वाले,हम सबके प्रेणास्रोत ,क्रांतिकारी और जनगीतों को एक मंच प्रदान करने वाले हमारे बड़े भैया जयदीप सकलानी जी को जन्मदिन की सुभकामनाए।..
आप यूँही मुस्कुराते रहो।
Ganesh Dhami

 

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