ऑलवेदर रोड बनेगी चारधाम की राह का रोड़ा

सीधे कटे पहाड़ों से बारिश होते ही मलबा गिरने का तैयार

दो वर्ष बाद शुरू हुई चारधाम यात्रा की राह इस बार आसान नहीं है। ऑलवेदर रोड के नाम पर सड़क चौड़ी करने के लिए बेतरतीब तरीके से पहाड़ काट दिये गये। ऋषिकेश से श्रीनगर तक करीब 102 किलोमीटर के दायरे में कम से कम दर्जन भर ऐसी जगह हैं, जहां हल्की बारिश के बाद ही पहाड़ियों के खिसकने और पत्थर गिरने की संभावना बनी हुई है। ऐसे में बारिश के दौरान चारधाम यात्रा का सफर बेहद मुश्किल भरा हो सकता है।
हालांकि ऋषिकेश से कोडियाला तक ऑलवेदर रोड के पहले चरण का काम समाप्त घोषित कर दिया गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी इसका वर्चुअल उद्घाटन भी कर चुके हैं। लेकिन, पहाड़ों से पत्थर गिरने का भय अभी भी बना हुआ है। यही वजह है कि जगह-जगह बोर्ड लगाए जा रहे हैं, जिन पर पहाड़ी से पत्थर गिरने की आशंका जताते हुए सावधान रहने को कहा गया है।
यहां से कुछ समय पहले एक फोटो केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर की थी। फोटो में सब कुछ बेहद सुंदर लग रहा था। ठीक इसी जगह से मैंने भीएक फोटो ली। जहां से यह फोटो ली गई है, ठीक उसके पास ही एक बोर्ड लगाया गया है, जिस पर पत्थर गिरने की आशंका जताई गई है।

कई सालों से अब भी पूरा नहीं हुआ ऑलवेदर रोड का काम।

कुल मिलाकर ऑलवेदर रोड के इस हिस्से का उद्घाटन तो हो चुका है, लेकिन पत्थर गिरने वाले बोर्ड लगाकर किसी तरह की दुर्घटना होने की जिम्मेदारी सीधे-सीधे यात्रियों पर ही छोड़ दी गई है। ऋषिकेश से श्रीनगर के बीच कई जगहों पर बिना बारिश के भी पत्थर गिर रहे हैं। इस क्षेत्र में बंदर और मृत बहुतायत से रहते हैं पहाड़ी पर बंदरों और मृत्यु के चलने से ही पत्थर नीचे लोड करें हैं। यहां सड़क के किनारे बड़े छोटे बड़े तमाम पत्थर इसी तरह से नीचे गिरी हैं।

हालांकि केदारनाथ और बद्रीनाथ के कपाट अभी नहीं खुले हैं। केदारनाथ के कपाट 6 मई और बद्रीनाथ के 8 मई को खुलने हैं। लेकिन, तीर्थयात्रियों का आना अभी से शुरु हो चुका है। दिल्ली हरियाणा आदि क्षेत्रों से यात्रियों के गाड़ियां लगातार केदारनाथ और बद्रीनाथ की तरफ जा रही रही हैं। कपाट खुलने से पहले ही यात्रियों की संख्या बता रही है कि इस बार यात्रा की शुरुआत ही बहुत भीड़-भाड़ से होने जा रही है। ऐसे में चारधाम रोड की अव्यवस्था यात्रियों को परेशान कर सकती है।

राज्य के पर्यटन और धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज ने पिछले दिनों अधिकारियों को आदेश दिए थे कि वे चारधाम यात्रा मार्ग केें वैकल्पिक मार्गों की तलाश करे,ं ताकि सड़क बंद होने की स्थिति में यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जा सके। लेकिन, ऋषिकेश से श्रीनगर के बीच यदि वैकल्पिक मार्ग की बात करें तो इसके लिए नरेंद्रनगर और टिहरी-चंबा होकर श्रीनगर पहुंचना पड़ेगा। इस रोड का भी एक हिस्सा ऑलवेदर रोड के तहत चौड़ा किया गया है और इस पर भी स्थिति कमोबेश बद्रीनाथ रोड जैसी है।

 

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